सपनों की उड़ान

आंखों में है हर किसी के कोई सपना,
है आसमान की ऊंचाइयों को भी छूना ।
देखो – देखो खूब ऊंचे-ऊंचे सपने,
ढील दो अरमानों की पतंग को अपने।
सपनों की उड़ान को मत रोको।
उड़ने दो सुनहरे पंख पसार।
सपने न हों तो जीवन नीरस है,
सपनों की सुन्दर बगिया करो गुलजार।
सपनों को दिवास्वप्न न रहने दो,
सपनों पर करो पूर्ण विचार।
मेहनत और लगन से जुट कर
करो अपने सपनों को साकार।
सपने न होते तो मानव आज भी
आदिमानव की तरह जीता होता।
चांद को छूने की न होती चाहत तो,
कभी चांद की जमीं तक न पहुंचा होता।
राइट भाइयों ने देखा उड़ान भरने का सपना।
उसका प्रतिफल है वायुयान अपना।
जीवन की बुलंदियों को छूने के सपने देखो।
चल पड़ो उस राह पर कुछ मत सोचो।
कठिनाइयां आयेंगी अवश्य ही राह में,
बढ़ते रहना संकल्प से सपनों की चाह में।
अवश्य होंगे पूरे तुम्हारे ख्वाब,
बनकर चमकोगे तुम आफताब।
आगे बढ़ जगत में अपनी जगह बनाओ,
विश्वगुरु बनकर दुनिया को राह दिखाओ।

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